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Thursday, July 23, 2015

कुछ ख्वाहिशों के दावेदार हम भी हैं

कुछ ख्वाहिशों के दावेदार हम भी हैं
वो चरागर हैं तो बिमार हम भी हैं ।

संम्भालते किसे तामाशाई बने है जो
भरि हैं महेफ़ील लाचार हम भी हैं ।

Thursday, March 27, 2014

क्या क्या बहाने हैं शब की तनहाईयों का

क्या क्या बहाने हैं शब की तनहाईयों का
हम खुश हैं पाकर साथ परछाईयों का ।

माहिर हैं वो बातों से बात बनाए और निकले
फिर भी जिक्र आ जाए उन तमाशाईयों का ।

Thursday, March 6, 2014

हमने तो खुद को कभी खोया हैं कभी पाया हैं

हमने तो  खुद को कभी खोया हैं कभी पाया हैं
तुझको भी  होगा पता इश्क में क्या क्या गवाया है ।

मुद्दत हो गई तेरे खबर से बेखबर है  हम
फिर भी जब बात निकली है अपना बताया है ।

Wednesday, February 12, 2014

निगाहें नम सी होकर मुस्कुराती रही

निगाहें नम सी होकर मुस्कुराती रही
आज फिर न जाने क्या क्या याद आती रही ।

वो तस्विर जिंदगी कि अब भी अधुरी हैं
कभी बनाती उसीको कभी मिटाती रही ।

Wednesday, February 5, 2014

इल्तजा कभी,कभी इबादत करूँ

इल्तजा कभी,कभी इबादत करूँ
फुर्सद में खुद से शिकायत करूँ ।

रफ्ता रफ्ता दोस्ती दिल की खलिस से
फिर भी यूं जिन्दगी की चाहत करूँ ।

Friday, January 3, 2014

इस दिल में दफ्न कुछ रुस्वाईयाँ आज भी है

इस दिल में  दफ्न कुछ रुस्वाईयाँ आज भी है
इश्क में हो जाउ फ़ना तैयारियाँ आज भी है ।

बदल गई है राहें और कहानी उल्फत की भी
उन गलियों में मेरी बदनामियाँ आज भी है ।

Tuesday, October 15, 2013

जलना काम है शमा का हर रात जलती है

जलना काम है शमा का हर रात जलती है
ख्वाहिशों कि शाम वैसे हि हर दिन ढलती है ।

चाँद को छुने की हिमाकत न पाल ए दिन
उसकी चाह मे सितारें भी हाथ मलती है ।

Saturday, September 21, 2013

जिन्दगी अब भी सज़ा दे

जिन्दगी  अब भी सज़ा दे कुछ इस तरह
खुली आँखों में सुला दे कुछ इस तरह ।

वक्त छुट गई राहवर आगे निकल चुके
माज़ी आज भी वफा दे कुछ इस तरह  ।

Saturday, August 17, 2013

इतनी बेढंग ये जिंदगी क्यू हैं

इतनी बेढंग ये  जिन्दगी क्यू  हैं
आज भी अजनबी अजनबी क्यू है ।

दुनियाँ की  चाहत तमन्ना है चाँद
फिर भी उदास उदास चाँदनी क्यू है  ।

Tuesday, July 30, 2013

मिलेंगे खिलाडी भी बहुत

मिलेंगे  खिलाडी भी बहुत और बहुत शातिर यहाँ
जो भी पा लो किसी तरह,जावोगें छोडकर आखिर यहाँ  l

कितने बहाने बना लो सच छुपाया नही जा सकता
किसी तरह कभी ना कभी हो ही जाएगा जाहिर यहाँ  l

Friday, May 31, 2013

हर तरफ ये दौर ए शिकायत खुब हैं

हर तरफ ये दौर ए शिकायत खूब हैं
मेरी सासों पे उसकी सियासत खूब है ।

सम्भाल के रखा जिसे  हमने अब तक 
आज वोही दिल उसकी अमानत खूब है । 

Sunday, May 12, 2013

अश्क क्युँ युँ ही आँखो से बहाने लगे


अश्क क्युँ यूँ ही आँखो से बहाने लगे
किस्से अब फिर  गैरों को बताने  लगे  ।

गर्दिशो में होते है चाँद सितारे भी
गर वो भी अपनी कहानी सुनाने लगे ।

Thursday, April 4, 2013

आँखो में किताब


समझो तो पढ लो आँखो मे किताब रखते हैं
अँधेरो से क्या डर दिल मे आफताब रखते है ।

आज भी नही है दो गज मिट्टी अपने नाम
सितारों पे घर बनालूँ, इक ख्वाब रखते है ।

Friday, February 1, 2013

बाजारों मे वो दिल कहाँ मिलता


ढुढने निकलेते है बाजारों मे वो दिल कहाँ मिलता
कस्ती हो मौजों की बीचमे तो फिर साहिल कहाँ मिलता ।

रह रह्कर उठती है नज़र तलाशती है किसिको
दिन के उज्यालों मे सपनों का कातिल कहाँ मिलता ।

Sunday, January 20, 2013

ए जिन्दगी थोडा सा हमारा भी ख्याल किया कर


ए जिन्दगी थोडा सा  हमारा भी ख्याल किया कर
सोच समझ फिर हम से सवाल किया कर   !!

गुस्ताखी तो देखो हकिकत चुप है सामने मेरे
सपने खोया है यार  कुछ मलाल किया कर  !!

कुछ तो होगा बातों में सिर्फ कहावत कहाँ है


कुछ तो होगा बातों में सिर्फ कहावत कहाँ है
मोहब्बत में कभी किसिकी सियासत कहाँ है ।

वो झुकी हुई पलकें कँपकपाते हुए होठ
कुछ कह रही हैं जरुर शिकायत कहाँ है ।

दिल जितना ही घायल होगा


दिल जितना ही घायल होगा
और उतना हि पागल होगा ।

आवेश मे क्यु है आसमान
बरसता तो वो बादल होगा ।

Wednesday, September 19, 2012

आँखों मे कहानी थी (हिन्दी )


आँखों मे कहानी थी
रूह को सुनानी थी !!

खुला था आसमान
दिल ये बेमानी थी !!

Sunday, September 16, 2012

हकदार हम नही थे !! (हिन्दी )


गुलाब थे काँटो के साथ भवरें भी कम नही थे
खुशीयाँ मिली भी जिसके हकदार हम नही थे !!

मेहरबान हुआ खुदा ,दी मौका -ए -दिदार
नज़रे ढुढती रही महफीलमे तुम नही थे !!